खेल व्यवस्था में पारदर्शिता की बड़ी पहल, हरियाणा में 10 खेल नर्सरियां बंद

A major initiative for transparency in sports system 10 sports nurseries closed in Haryana
हरियाणा : हरियाणा में खेल व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और परिणामोन्मुख बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। खेल राज्य मंत्री श्री गौरव गौतम ने नियमों की अनदेखी और गंभीर अनियमितताओं के चलते प्रदेश की 10 खेल नर्सरियों को तत्काल प्रभाव से बंद करने के आदेश जारी किए हैं। सरकार ने स्पष्ट किया है कि खिलाड़ियों के भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
खेल विभाग द्वारा की गई जांच और निरीक्षण के दौरान कई नर्सरियों में निर्धारित मानकों का पालन नहीं होने, प्रशिक्षण व्यवस्था में कमियां तथा प्रशासनिक स्तर पर अनियमितताएं सामने आई थीं। इन खामियों को गंभीरता से लेते हुए विभाग ने संबंधित नर्सरियों के संचालन पर रोक लगाने का निर्णय लिया। साथ ही लापरवाह अधिकारियों और कोचों को भी कड़ी चेतावनी दी गई है कि भविष्य में ऐसी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
राज्य मंत्री गौरव गौतम ने कहा कि हरियाणा देश में खेल प्रतिभाओं की नर्सरी के रूप में अपनी पहचान बना चुका है। ऐसे में खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण, आधुनिक सुविधाएं और निष्पक्ष वातावरण उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि खेल नर्सरियों का उद्देश्य प्रतिभाओं को निखारना है, इसलिए किसी भी स्तर पर नियमों की अनदेखी या गुणवत्ता में कमी स्वीकार नहीं की जा सकती।
उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार अभी से ओलंपिक 2036 की तैयारियों में जुट गई है। सरकार का लक्ष्य केवल खिलाड़ियों को तैयार करना नहीं, बल्कि उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाना है। इसी उद्देश्य से खेल ढांचे को मजबूत करने, प्रशिक्षण सुविधाओं को उन्नत बनाने और प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को हर संभव सहयोग देने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
गौरव गौतम ने कहा, “प्रदेश सरकार का संकल्प है कि जब भारत ओलंपिक 2036 की मेजबानी के सपने को साकार करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है, तब हरियाणा के खिलाड़ी देश की झोली में कम से कम 36 पदक डालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं।”
सरकार के इस निर्णय को खेल क्षेत्र में अनुशासन और गुणवत्ता सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे न केवल खेल संस्थानों की जवाबदेही बढ़ेगी, बल्कि खिलाड़ियों को भी बेहतर प्रशिक्षण और सुविधाएं उपलब्ध कराने का मार्ग प्रशस्त होगा। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी सख्ती से खेल नर्सरियों में पारदर्शिता बढ़ेगी और हरियाणा की खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ने के अधिक अवसर मिलेंगे।
नोट: अगर आपको यह खबर पसंद आई तो इसे शेयर करना न भूलें, देश-विदेश से जुड़ी ताजा अपडेट पाने के लिए कृपया NPR BHARAT NEWS के Facebook पेज को LikeTwitter पर Follow करना न भूलें...

Related posts